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Crime alert ( laalach)

Crime alert - - (crime story) laalach
Crime story in hindi


दोस्तों हमारे आस पास बहुत सारे कारण होते रहते हैं हमारे समाज में क्राइम कई तरीके से पनप रहा है आज मैं आपको ऐसी भी देख स्टोरी क्राइम की स्टोरी सुनाने जा रहा जिसमें इंसान में सिर्फ अपने धन के लिए अपने रिश्ते को भी शर्मसार कर डाला.
Crime alert
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Crime story laalach

एक गांव की घटना है वह गांव में तीन भाई और एक बहन रहती थी भाई का नाम रमेश सुरेश रवि एक बहन चतरा हालांकि चतरा उनकी सौतेली बहन की और रवि उसे अपनी सगी बहन से भी ज्यादा मानता था परंतु रमेश और सुरेश उसे अपनी सौतेली बहन ही मानते थे चतरा के पिताजी ने चतरा के नाम पर अपनी सारी संपत्ति की थी जिस पर रमेश और सुरेश की नजर थी आइए मैं आपको सुनाता हूं कि आगे क्या हुआ

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18 साल बीत चुके थे चेतरा अब 22 साल की हो चुकी थी रवि अपनी लॉ की पढ़ाई पूरा कर यूएसए में सेटल हो चुका था रमेश और सुरेश दोनों भाई अपना घर का काम संभालते दे दोनों के अपने छोटे छोटे बिजनेस में बीवी बच्चे सब अलग-अलग रहते थे चतरा अपने पति के साथ रहती थी परंतु चतरा का पति बहुत ही गरीब था वह एक किराए के घर पर रहते थे चतरा का पति छोटी-मोटी नौकरी करता था जिससे उनका सिर्फ घर खर्च निकल सकता था मैं अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर सकती 1 दिन अचानक चतरा की बेटी की तबीयत खराब हो गई उसे रुपयों की सख्त जरूरत आन पड़ी उसके पति की इतनी तनख्वाह नहीं की कि वह बच्ची का इलाज करा सकें तब चतरा को एक रास्ता नजर आया चित्रा ने अपने भाइयों से रुपया लेने का फैसला किया चतरा को नहीं पता था की बहुत सारी संपत्ति उसके नाम पर है जिस पर उसके दोनों भाई रमेश और सुरेश रहते हैं वह रमेश और सुरेश के घर पहुंची और दोनों से अपने बच्ची के इलाज के लिए रुपए मांगे परंतु दोनों ने देने से मना कर दिया
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चतरा के बहुत कहने पर उनके दोनों भाइयों ने भी अपने दिए अब चतरा रोते हुए अपने घर आ गई वह क्या करती रुपए ना मिलने से बहुत परेशान थी और बच्चे की तबीयत खराब थी वह अपने पति से कहती है कि मुझे मेरे भाइयों ने मुझे रुपए नहीं दिए अब हम क्या करें अब बच्ची का इलाज कैसे हो पाएगा तब उसका पति कहते हैं जो संपत्ति तुम्हारे पिताजी में विरासत में तुम्हारे लिए छोड़ी होगी हम उसके जरिए अपनी बेटी का इलाज करा सकते हैं चतरा मान जाती है चतरा दूसरे दिन फिर अपने भाई रमेश और सुरेश के घर पहुंचती है कहती है मुझे आपसे कुछ नहीं चाहिए!






बस मुझे मेरे पिताजी की विरासत में दी हुई संपत्ति चाहिए कृपया उसे मुझे दे दीजिए मेरी बेटी बहुत बीमार है रमेश और सुरेश समझ गए की यह नहीं जानती कि यह सारी संपत्ति किसी के नाम पर है वह कहते हैं तू तो हमारे सौतेली बहन है मेरे पिताजी तेरे लिए विरासत में संपत्ति कैसे रख सकते हैं चतरा कहती है मैं अपने पिताजी की ही बात कर रहा हूं मेरी संपत्ति का मुझे हिस्सा चाहिए जिससे मैं अपनी बेटी का इलाज करा सकूं होगी बाकी सब तुम रख लो परंतु उसके दोनों भाई नहीं मानते और उसे धक्के मार कर घर से बाहर निकाल देते हैं

 चतरा उनके दरवाजे पर रोती बिल्कुल आती है परंतु वह उसकी एक भी नहीं सकते तब तक पड़ोसी पुलिस को फोन करते हैं पुलिस आ जाती है और जबरदस्ती दरवाजा खुलवा की है तब इस बात पर चर्चा की जाती है कि संपत्ति किस-किस पर दी जाए उनके घर का वकील आता है


 तब इस बात का खुलासा होता है की सारी संपत्ति चतरा के नाम पर है और चतरा के पिता जी ने वह संपत्ति विरासत में चतरा को दी है अब चेतना खुश हो जाती है पुलिस वाले चतरा के दोनों भाइयों को के मार कर बाहर निकालते हैं परंतु चतरा कहती है मेरे भाइयों को यहीं रहने दीजिए मुझे थोड़ा सा हिस्सा चाहिए अपनी बेटी के इलाज के लिए पुलिस मान जाती है और चले जाते हैं


अब रमेश और सुरेश बहुत परेशान थी की जिसे सब कुछ पता चल गया यह हमसे हमारी संपत्ति छीन लेगी वह एक प्लान बनाते हैं एक वसीयत तैयार करते हैं और उस पार चतरा के हस्ताक्षर नहीं देंगे चेतना को फिर से धक्के मार कर बाहर निकाल देते हैं चेतरा अपनी बेटी का इलाज करा चुकी थी इसीलिए वह कुछ नहीं कहती और वह चली जाती है अब रमेश और सुरेश उसके संपत्ति पर अपना हक प्राप्त कर बहुत खुश हो जाते हैं परंतु रमेश की पत्नी करती है कि हम कब तक इस सुरेश के साथ रहेंगे हमें कुछ करना होगा सुरेश की पत्नी और बच्चों की कार एक्सीडेंट में मौत हो चुकी थी अब सुरेश अकेला था तो रमेश की पत्नी खाने में जहर मिलाकर सुरेश को दे देती है दूसरे सुरेश की मृत्यु हो जाती है पुलिस की छानबीन में पता नहीं चलता कि जहर कहां से आया अब रवि अमेरिका से आ चुका था वह अपनी बहन से भी मिलता है तब उसे सारी बात पता चलती है वह अपने घर जाता है भाई से पता करता है परंतु उसका भाई रमेश कहता है कि मुझे कुछ नहीं अब रवि भी छोटी-मोटी छानबीन करने लग जाता है जिससे वह 1 दिन सुन लेता है की सुरेश की मृत्यु कैसे हुई और कैसे उन्होंने चतरा से उसकी संपत्ति छीनी थी इन सबको रिकॉर्ड कर लेता है और अपने भाई रमेश के खिलाफ केस दायर करता है आप अपनी बहन को भी इंसाफ दिलाने के लिए लड़ता है तब पुलिस की छानबीन में पुलिस को पता चल जाता है कि रमेश ने ही सुरेश को जहर देकर मारा था जिससे रमेश उसकी पत्नी दोनों को उम्र कैद हो जाती है और चतरा को उसकी संपत्ति मिल जाती है रमेश के एक बेटी और एक बेटा अब छात्रा के साथ रहते हैं रवि की भी शादी हो चुकी है और वह सभी एक साथ खुशी खुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं



दोस्तों आपने देखा कि कैसे दोनों भाइयों ने संपत्ति के लिए अपनी बहन को धोखा दिया और फिर एक भाई ने संपत्ति के लिए अपने भाई को भी मार डाला दोस्तों क्या संपत्ति का मोल अपने दोस्तों से भी ज्यादा हो चुका है क्या इंसान कितना सोच समझ नहीं रखता कि रिश्तो से बढ़कर कुछ नहीं दोस्तों अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी हो तो शेयर और कमेंट जरूर करें मैं ऐसी ही कुछ कहानियां आपके साथ और भी शेयर करूंगा

धन्यवाद

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